झारखंड: अनलॉक-3 का 13वां दिन:राज्य में चार और कोरोना संक्रमितों की मौत, चारों ने रिम्स में तोड़ा दम; अब तक 20,342 पॉजिटिव केस

 

तस्वीर कोडरमा की है। कोरोना को मात देने के बाद मरीजों को घर भेजती मेडिकल टीम। राज्य में मरीजों के स्वस्थ होने का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। राज्य में अब तक 12 हजार से अधिक लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

  • अब तक 4 लाख कोरोना जांच, पहले 2 लाख जांच में मिले 4500 मरीज, अगले 2 लाख सैंपल में 15,500
  • राज्य में रिकवरी रेट 60.21 प्रतिशत पहुंचा, अब तक संक्रमित मरीजों में से 12,198 स्वस्थ होकर लौट चुके हैं घर

राज्य में गुरुवार को चार और कोरोना संक्रमित मरीजों ने दम तोड़ दिया। इनमें रांची के धुर्वा, धनबाद, सिमडेगा और बोकारो से एक-एक मरीज शामिल है। धुर्वा के 55 साल के मरीज को 12 अगस्त को रिम्स के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया था। मरीज ने गुरुवार को दोपहर 12 बजे के करीब दम तोड़ दिया। वहीं बोकारो के 50 साल के मरीज को 11 अगस्त को रिम्स लाया गया था जबकि धनबाद की 53 साल की महिला मरीज को आठ अगस्त को भर्ती कराया गया था। वहीं सिमडेगा के 65 साल के मरीज को 9 अगस्त को भर्ती कराया गया था।

राज्य में टेस्ट की रफ्तार बढ़ते ही मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। पहले 10 हजार मरीज 127 दिन में मिले थे। अगले 10 हजार मरीज सिर्फ 14 दिन में ही मिल गए। राज्य में कोरोना जांच की संख्या चार लाख के पार हो गई। अब तक 20 हजार से अधिक पॉजिटिव मरीज मिले हैं। प्रति दस लाख की आबादी पर होने वाले टेस्ट में झारखंड अभी भी देश में 19वें नंबर पर है। यहां प्रति दस लाख आबादी पर 10,500 टेस्ट हो रहे हैं। राज्य में रोजाना औसतन सात से आठ हजार सैंपल की जांच हो रही है, जबकि आबादी के हिसाब से रोजाना 15 से 20 हजार सैंपल की जांच जरूरी है। कई जिलों में प्रति 10 लाख टेस्ट की स्थिति औसत से भी खराब है। यहां पहले दो लाख सैंपल में करीब 4500 मरीज मिले थे। वहीं, अगले दो लाख सैंपल की जांच में करीब 15,500 पॉजिटिव मिले।

झारखंड में कोरोना संक्रमण की दर 4.65 है जो राष्ट्रीय औसत (2.98) से ज्यादा है। हालांकि पिछले पांच दिनों में संक्रमण की रफ्तार तेज हुई है। रिकवरी रेट भी बढ़ा है। इसका मुख्य कारण यह है कि 31 जुलाई से 2 अगस्त तक स्पेशल ड्राइव चलाया गया, जिसमें 60 हजार से अधिक सैंपल की जांच हुई। करीब 30 हजार सैंपल का एंटी-जन टेस्ट हुआ। इससे संक्रमितों की जल्दी पहचान हुई और मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सदर अस्पताल में 3 तरह से लिया जा रहा टेस्ट के लिए सैंपल
पिछले तीन दिनों से झारखंड के सभी जिलों सहित रांची में भी संक्रमितों की संख्या अब घटने लगी है, लेकिन इन सब के बीच गर्भवती महिलाएं या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों की परेशानी बनी हुई है। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी या फिर रोगी को इलाज के लिए कोविड जांच रिपोर्ट की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में रोजाना 400-450 लोग सदर अस्पताल में कोविड की जांच के लिए पहुंच रहे हैं। उनकी परेशानी को देखते हुए सदर में तीन तरह से जांच के लिए सैंपल का कलेक्शन किया जा रहा है।

इनमें 200-250 ट्रूनेट, 150-170 लोग आरटी-पीसीआर और 90-100 रैपिड एंटी-जेन टेस्ट किया जा रहा है। वैसे लोग जिनकी तबीयत ठीक है, कोरोना का लक्षण नहीं दिख रहा है या वैसी गर्भवती महिलाएं जिनकी डिलीवरी की तारीख 10-12 दिन बाद की है। उनका सैंपल आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए लिया जा रहा है और जांच के लिए रिम्स भेजा जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट 4-5 दिनों के बीच रही है।

स्वीर रांची के खलारी की है। यहां दो लोगों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद मेडिकल टीम मरीजों को रिम्स ले गई। मरीजों के घर के पास बैरिकेडिंग कर कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।

राज्य के सभी 24 जिलों में पहुंच चुका है कोरोना संक्रमण
राज्यभर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 269 है जबकि राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 20,342 है। इनमें बोकारो के 523, चतरा के 451, देवघर के 713, धनबाद के 1250, दुमका के 205, पूर्वी सिंहभूम के 3359, गढ़वा के 684, गिरिडीह के 1066, गोड्डा के 600, गुमला के 477, हजारीबाग के 927, जामताड़ा के 170, खूंटी के 370, कोडरमा के 759, लातेहार के 480, लोहरदगा के 324, पाकुड़ के 329, पलामू के 876, रामगढ़ के 628, रांची के 33917, साहेबगंज के 361, सरायकेला के 476, सिमडेगा के 700 और पश्चिमी सिंहभूम के 610 मरीज शामिल हैं।

राज्य में अब तक 12,198 मरीज हो चुके हैं स्वस्थ
राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों में कुल 12,198 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें बोकारो के 351, चतरा के 326, देवघर के 501, धनबाद के 913, दुमका के 117, पूर्वी सिंहभूम के 1226, गढ़वा के 496, गिरिडीह के 954, गोड्डा के 545, गुमला के 328, हजारीबाग के 600, जामताड़ा के 117, खूंटी के 82, कोडरमा के 433, लातेहार के 322, लोहरदगा के 252, पाकुड़ के 301, पलामू के 493, रामगढ़ के 470, रांची के 2001, साहेबगंज के 177, सरायकेला के 222, सिमडेगा के 525 और पश्चिमी सिंहभूम के 445 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

 

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