• केंद्र सरकार ने पिछले ही महीने दी नई शिक्षा नीति को मंजूरी, 34 साल बाद शिक्षा नीति में बदलाव • 24 से 31 अगस्त तक एक खास लिंक के जरिए अपलोड किए जा सकेंगे सुझाव केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक' ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के एग्जिक्यूशन के लिए टीचर्स और प्रिंसिपल से सुझाव मांगे हैं। इस बारे में केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘हम मानते हैं कि एनईपी 2020 को लागू करने में शिक्षकों की अहम भूमिका है। ऐसे में हमने देशभर के सभी स्कूलों के टीचर्स और प्रिंसिपल से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सुझाव मांगने का फैसला किया है।'' 34 साल बाद मिली नई शिक्षा नीति केंद्र सरकार ने पिछले ही महीने देश में नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी। इसे फैसले के बाद 34 साल बाद देश की शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है। इससे पहले 1986 में शिक्षा नीति बनाई गई थी। स्कूल शिक्षा सचिव अनिता करवाल ने बताया कि, ‘‘शिक्षकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रश्नोत्तर प्रक्रिया के जरिए एनईपी (NEP) के हर एक विषय पर सुझाव मांगे जा रहे हैं। प्रश्न ऐसे बनाए जा रहे हैं जिससे शिक्षक अपने को जोड़ पाएं। प्रत्येक प्रश्न में एनईपी के पैराग्राफ का संदर्भ दिया गया है, ताकि अपने सुझाव अपलोड करने के पहले शिक्षक उसे बेहतर तरीके से समझ सकें।'' 24 से 31 अगस्त देने होंगे सुझाव करवाल ने यह भी कहा कि, ‘‘राज्य और केंद्रशासित प्रदेश प्राथमिकता के आधार पर वीडियो कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं और इस प्रक्रिया के व्यापक प्रचार के लिए विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों के वाट्सऐप ग्रुप या एससीईआरटी और डीआईईटी के जरिए संदेश भेज सकते हैं।'' इसके लिए 24 से 31 अगस्त तक एक खास लिंक एक्टिव किया जाएगा, जिससे सुझाव अपलोड किए जा सकते हैं। NCERT की एक टीम करेगी गौर सुझाव सीमित शब्दों में देने होंगे, लेकिन राष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रारूप में उपयोगी सुझाव को शामिल करने के लिए जरूरी लगने पर शिक्षक से निजी तौर पर संपर्क किया जाएगा। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से भी आग्रह किया है कि सरकारी स्कूलों, निजी स्कूलों या विभिन्न माध्यमिक स्कूल बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के सभी शिक्षकों को सुझाव देने के लिए कहा जाए। शिक्षकों द्वारा दिए गए सभी सुझावों पर NCERT के विशेषज्ञों की एक टीम गौर करेगी।

 

  • केंद्र सरकार ने पिछले ही महीने दी नई शिक्षा नीति को मंजूरी, 34 साल बाद शिक्षा नीति में बदलाव
  • 24 से 31 अगस्त तक एक खास लिंक के जरिए अपलोड किए जा सकेंगे सुझाव

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियालनिशंक' ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के एग्जिक्यूशन के लिए टीचर्स और प्रिंसिपल से सुझाव मांगे हैं। इस बारे में केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘हम मानते हैं कि एनईपी 2020 को लागू करने में शिक्षकों की अहम भूमिका है। ऐसे में हमने देशभर के सभी स्कूलों के टीचर्स और प्रिंसिपल से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सुझाव मांगने का फैसला किया है।''

34 साल बाद मिली नई शिक्षा नीति

केंद्र सरकार ने पिछले ही महीने देश में नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी। इसे फैसले के बाद 34 साल बाद देश की शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है। इससे पहले 1986 में शिक्षा नीति बनाई गई थी। स्कूल शिक्षा सचिव अनिता करवाल ने बताया कि, ‘‘शिक्षकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रश्नोत्तर प्रक्रिया के जरिए एनईपी (NEP) के हर एक विषय पर सुझाव मांगे जा रहे हैं। प्रश्न ऐसे बनाए जा रहे हैं जिससे शिक्षक अपने को जोड़ पाएं। प्रत्येक प्रश्न में एनईपी के पैराग्राफ का संदर्भ दिया गया है, ताकि अपने सुझाव अपलोड करने के पहले शिक्षक उसे बेहतर तरीके से समझ सकें।''

24 से 31 अगस्त देने होंगे सुझाव

करवाल ने यह भी कहा कि, ‘‘राज्य और केंद्रशासित प्रदेश प्राथमिकता के आधार पर वीडियो कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं और इस प्रक्रिया के व्यापक प्रचार के लिए विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों के वाट्सऐप ग्रुप या एससीईआरटी और डीआईईटी के जरिए संदेश भेज सकते हैं।'' इसके लिए 24 से 31 अगस्त तक एक खास लिंक एक्टिव किया जाएगा, जिससे सुझाव अपलोड किए जा सकते हैं।

NCERT की एक टीम करेगी गौर

सुझाव सीमित शब्दों में देने होंगे, लेकिन राष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रारूप में उपयोगी सुझाव को शामिल करने के लिए जरूरी लगने पर शिक्षक से निजी तौर पर संपर्क किया जाएगा। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से भी आग्रह किया है कि सरकारी स्कूलों, निजी स्कूलों या विभिन्न माध्यमिक स्कूल बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के सभी शिक्षकों को सुझाव देने के लिए कहा जाए। शिक्षकों द्वारा दिए गए सभी सुझावों पर NCERT के विशेषज्ञों की एक टीम गौर करेगी।

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