90 दिन में बेचना है अमेरिकी कारोबार:टिकटॉक को खरीदने की रेस में अब क्लाउड कंपनी ओरेकल भी शामिल, माइक्रोसॉफ्ट-ट्विटर से भी चल रही सौदेबाजी

 

ओरेकल टिकटॉक का अमेरिका, कनाड़ा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का कारोबार खरीदने को लेकर काफी गंभीर है। 

  • अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन ने टिकटॉक पर बैन को मंजूरी दी, 15 सितंबर से लागू होगा फैसला
  • टिकटॉक का भारतीय कारोबार रिलायंस को बेचने के लिए बातचीत कर रही है बायडांस

चीनी कंपनी बायडांस के शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक के अमेरिकी कारोबार को खरीदने की रेस में अब प्रमुख क्लाउड कंपनी ओरेकल भी शामिल हो गई है। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टिकटॉक के कारोबार को खरीदने को लेकर बायडांस और ओरेकल के बीच प्रारंभिक स्तर की बातचीत चल रही है। ओरेकल टिकटॉक का अमेरिका, कनाड़ा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का कारोबार खरीदने को लेकर काफी गंभीर है।

टिकटॉक के अमेरिकी निवेशकों के संपर्क में ओरेकल

रिपोर्ट के मुताबिक, ओरेकल अमेरिकी निवेशकों के एक ऐसे ग्रुप के साथ काम कर रहा है जिनकी पहले से ही बायडांस में हिस्सेदारी है। इन निवेशकों में जनरल अटलांटिक और सिक्युआ कैपिटल जैसे निवेशक शामिल हैं। हालांकि, इस रिपोर्ट पर ओरेकल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बायडांस अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से अलग किसी भी असेट को बेचने के विरोध में है।

अमेरिकी कारोबार के लिए माइक्रोसॉफ्ट-ट्विटर से चल रही बातचीत

टिकटॉक का अमेरिकी कारोबार खरीदने के लिए सबसे पहले माइक्रोसॉफ्ट सामने आई थी। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी इसकी जानकारी दे दी थी। ट्रम्प ने भी माइक्रोसॉफ्ट के ऑफर का समर्थन किया है। अभी टिकटॉक के अमेरिकी कारोबार को बेचने को लेकर माइक्रोसॉफ्ट और बायडांस में कोई अंतिम सौदा नहीं हो पाया है। इस बीच पिछले सप्ताह यह खबर भी आई थी कि टिकटॉक का अमेरिकी कारोबार खरीदने के लिए ट्विटर भी बायडांस से बातचीत कर रही है। टिकटॉक के अमेरिकी कारोबार की वैल्यू 30 बिलियन डॉलर के करीब आंकी गई है।

अमेरिका ने दी टिकटॉक पर बैन को मंजूरी

अमेरिका ने चीनी ऐप टिकटॉक पर बैन को मंजूरी दी है। इस संबंध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक प्रस्ताव पर साइन कर चुके हैं। अमेरिका ने बायडांस को टिकटॉक का अमेरिकी कारोबार किसी अमेरिकी कंपनी को बेचने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया है। यदि बायडांस 15 सितंबर तक कोई सौदा नहीं कर पाती है तो टिकटॉक पर लगाया गया बैन लागू हो जाएगा। हालांकि, बीते सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बायडांस को टिकटॉक का अमेरिकी कारोबार बेचने के लिए समय-सीमा को बढ़ाकर 90 दिन कर दिया है।

रिलायंस खरीद सकता है टिकटॉक का भारतीय कारोबार

यूजर्स के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा बाजार रहे भारत में दोबारा आने के लिए टिकटॉक बेकरार है। टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बायडांस इसके भारतीय कारोबार को बेचने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बायडांस शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक का भारतीय कारोबारी मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को बेच सकती है। इस संबंध में दोनों कंपनियों के बीच जुलाई के आखिर में बातचीत शुरू हुई थी। हालांकि, दोनों कंपनियां अभी किसी भी सौदे पर नहीं पहुंची हैं। टिकटॉक के भारतीय कारोबार की वैल्यू 3 बिलियन डॉलर के करीब आंकी गई है।

भारत ने टिकटॉक समेत चीन के 106 ऐप पर बैन लगाया

लद्दाख की गलवान घाटी में सीमा विवाद के बाद भारत सरकार ने चीन की कंपनियों के 59 ऐप पर बैन लगा दिया था। इसमें टिकटॉक, वीचैट, अलीबाबा ग्रुप का यूसी ब्राउजर और यूसी न्यूज जैसे पॉपुलर ऐप शामिल थे। इसके बाद सरकार ने पिछले महीने जुलाई में भी चीन के 47 ऐप पर बैन लगाया था। इसमें अधिकांश पहले बैन किए गए ऐप के क्लोन थे। इस प्रकार भारत सरकार अब तक चीन के 106 ऐप पर बैन लगा चुकी है।

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