कोरोना के बीच परीक्षाएं:परीक्षा को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच एनटीए ने जारी किए निर्देश, सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बढ़ाई गई परीक्षा केंद्र की संख्या

 

  • परीक्षा के बीच जारी विरोध पर एनटीए ने साफ किया कि तय शेड्यूल पर होगी परीक्षा
  • पैरेंट्स और स्टूडेंट्स के बाद अब विपक्षी दल के नेता और ग्रेटा थनबर्ग ने भी किया परीक्षा के विरोध

जेईई मेन और नीट परीक्षाओं को लेकर जारी असमंजस के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एनडीए ने परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने और परीक्षा को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच मंगलवार को नए दिशा निर्देश जारी किए हैं।

जारी सर्कुलर में एनटीए ने बताया कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। इससे एक शिफ्ट और क्लास में कैंडिडेट की संख्या कम होगी। साथ ही एजेंसी ने यह भी साफ किया की परीक्षाएं सितंबर में तय शेड्यूल के आधार पर ही आयोजित होगी।

जेईई के लिए जारी एडमिट कार्ड, नीट के लिए जल्द होंगे जारी

वहीं,जेईई मेन के लिए एनटीए ने पहले ही एडमिट कार्ड पहले ही जारी कर दिए हैं। वही नीट के लिए एजेंसी की तरफ से परीक्षा केंद्रों के शहरों के नाम जारी किए हैं। जिसके बाद जल्द ही एडमिट कार्ड भी जारी होंगे। एजेंसी ने बताया किय 99 फीसदी स्टूडेंट के लिए उनकी पहली प्राथमिकता का परीक्षा केंद्र सुनिश्चित किया गया है। इस साल जेईई मेन के लिए 8.58 लाख और नीट के लिए 15.97 लाख कैंडिडेट्स से रजिस्ट्रेशन कराया है।

सुरक्षा के मद्देनजर परीक्षा में किए गए बदलाव

  • स्टूडेंट्स को दिए गए टाइम स्लॉट में पहुंचना होगा परीक्षा केंद्र
  • नीट परीक्षा के केंद्र की संख्या 2546 से बढ़ाकर 3843 की गई।
  • नीट के दौरान एक रूम में 24 की जगह 12 कैंडिडेट्स बैठेंगे।
  • जेईई मेन के लिए परीक्षा केंद्र 570 से बढ़ाकर 660 किए गए।
  • एक-दूसरे से छह फीट की दूरी बनाकर रखनी होगी।
  • जेईई में एक-एक सीट छोड़कर छात्रों को बिठाया जाएगा।
  • कोरोना के लक्षण होने पर आइसोलेशन रूम में देनी होगी परीक्षा।
  • कैंडिडेट्स को परीक्षा केंद्र में नया मास्क दिया जाएगा।
  • मुंह पर मास्क और हाथों में दस्ताने पहनने होंगे।
  • जेईई की एक पाली में एक लाख 32 हजार की जगह अब 85 हजार अभ्यर्थी बैठेंगे।
  • पानी की बोतल, हैंड सेनिटाइजर ले जाने की अनुमति होगी।

कमरे में नहीं घूमेंगे शिक्षक

सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर एग्जाम हॉल के अंदर छात्रों के बीच इनविजीलेटर नहीं घूम सकेंगे। वह दूर से ही बैठकर निगरानी करेंगे। इसके अलावा क्लास में सिर्फ 50 फीसदी कर्मी ही मौजूद होंगे। ड्यूटी के दौरान इनविजीलेटर या टीचर से किसी भी तरह की मदद लेने से पहले स्टूडेंट को हाथों को सैनिटाइज कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

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