वैक्सीन की चोरी:पाकिस्तान में पोलियो वैक्सीन चोरी करने वाले दो कर्मचारी गिरफ्तार; दुनिया में अब सिर्फ दो देशों में पोलियो बचा- पाकिस्तान और अफगानिस्तान

 


पाकिस्तान में 8 महीने में पोलियो के 64 मामले सामने चुके हैं। दो बच्चों की मौत भी हुई। इसके बावजूद मार्च से अब तक 11 हजार पोलियो वर्कर्स को नौकरी से हटाया जा चुका है। (फाइल)

  • डब्ल्यूएचओ ने बुधवार को ऐलान किया था कि अफ्रीकी भी अब जानलेवा पोलियो से मुक्त हो चुका है
  • अब सिर्फ दो देशों में पोलियो बचा है, ये हैं- पाकिस्तान और अफगानिस्तान

पाकिस्तान में जानलेवा पोलियो के वैक्सीन भी चोरी किए जा रहे हैं। लाहौर में इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक हेल्थ ऑफिसर है। दूसरा उसका हेल्पर है। दोनों के पास पांच लाख रुपए के वैक्सीन बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अलावा दुनिया के किसी देश में अब पोलियो नहीं बचा है। अफ्रीकी महाद्वीप के 42 देश भी अब इससे पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं।

लाहौर में पकड़ी गई चोरी
समा टीवीकी एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को कई दिनों से पोलियो वैक्सीन चोरी किए जाने की सूचनाएं मिल रहीं थीं। एक टास्क फोर्स को इसका पता लगाने को कहा गया। जांच के दौरान दो लोगों को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक लाहौर का हेल्थ ऑफिसर शामिल है। उसके मददगार हेल्पर को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से 5 लाख रुपए के वैक्सीन बरामद किए गए। जांच जारी है। आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।

दो हफ्ते पहले एक बच्चे की मौत हुई थी
लाहौर के शालीमार पुलिस स्टेशन के एक अफसर ने कहा- हमने हेल्थ अफसर मोहसिन अली को गिरफ्तार किया है। उसका एक साथी भी गिरफ्तार किया गया है। दो हफ्ते पहले ही लाहौर में एक बच्चे की पोलियो के चलते मौत हुई थी। इस मौत की वजह से पाकिस्तान को दुनिया में काफी शर्मसार होना पड़ा था। यूएन, यूनिसेफ और रेडक्रॉस की तमाम मदद के बावजूद पाकिस्तान में पोलियो के मामले रुक नहीं रहे हैं। जबकि, नाइजीरिया और बाकी अफ्रीकी देश इससे मुक्त हो चुके हैं।

11 हजार पोलियो वर्कर्स को हटाया
पाकिस्तान सरकार ने 2 महीने में 11 हजार पोलियो वर्कर्स को नौकरी से हटाया है। सरकार के इस फैसले से देश में पोलियो रोकथाम के अभियान को झटका लगा है। 8 महीने में 64 पोलियो केस सामने आए। देश को पोलिया मुक्त बनाने के प्रोग्राम के प्रमुख राना मुहम्मद सफदर के मुताबिक- पोलियो वर्कर्स कोरोना महामारी की रोकथाम से जुड़े काम भी कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें हटा दिया गया।

मार्च से नहीं पिलाई गई पोलियो की खुराक
इस साल अप्रैल में इमरान सरकार ने एक आदेश जारी किया था। इसमें पोलियो वैक्सीनेशन कम करने को कहा गया था। यह कदम आर्थिक किल्लत की वजह से उठाया गया था। पाकिस्तान में कोराना का पहला मामला 2 फरवरी को सामने आया था। इसके एक महीने बाद मामले बढ़े तो पोलियो ड्रॉप पर भी पाबंदी लगा दी गई।

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