जापान में बदलती सियासत:किसान के बेटे योशिहिडे सुगा बन सकते हैं देश के अगले प्रधानमंत्री, 8 साल तक देश के चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं

 

हाई स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बाद सुगा टोक्यो गए। यहां उन्होंने कार्डबोर्ड फैक्ट्री से लेकर फिश मार्केट तक में पार्ट टाइम काम किया है।- फाइल फोटो

  • पूर्व पीएम शिंजो आबे ने इस्तीफा देते वक्त अगले प्रधानमंत्री के नाम पर कुछ भी नहीं कहा था। उन्होंने अपनी पार्टी एलडीपी से अपील की थी कि वह जल्द नया प्रधानमंत्री चुने
  • सुगा अपने परिवार से राजनीति में आने वाले पहले शख्स हैं, उनके पिता अकिता राज्य के कस्बे युजावा में में स्ट्रॉबेरी की खेती करते थे

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के इस्तीफे के बाद किसान के बेटे योशिहिडे सुगा देश के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं। देश की रूलिंग लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) उन्हें अगला पीएम चुन सकती है। इसके लिए पार्टी अपने सांसदों का सोमवार को चुनाव कराएगी। सुगा 8 साल तक देश के चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें शिंजो आबे का करीबी माना जाता है।

आबे ने इस्तीफा देते वक्त अगले प्रधानमंत्री के नाम पर कुछ भी नहीं कहा था। उन्होंने अपनी पार्टी एलडीपी से अपील की थी कि वह जल्द नया प्रधानमंत्री चुने। स्थानीय मीडिया के मुताबिक,आबे ने एलडीपी के सेक्रेटरी जनरल और सांसद तोशिहिरो निकाइ को नया प्रधानमंत्री चुनने से जुड़े कामों को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

सुगा के पिता स्ट्रॉबेरी उगाने वाले किसान थे

सुगा अपने परिवार से राजनीति में आने वाले पहले शख्स हैं। उनके पिता अकिता राज्य के कस्बे युजावा में में स्ट्रॉबेरी की खेती करते थे। हाई स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बाद सुगा टोक्यो गए। यहां उन्होंने कार्डबोर्ड फैक्ट्री से लेकर फिश मार्केट तक में पार्ट टाइम काम किया। ये काम करके वह अपनी यूनिवर्सिटी की फीस चुकाया करते थे। उनका पॉलिटिकल कैरियर 1987 में शुरू हुआ। उस समय उन्होंने योकोहामा एसेम्बली सीट के लिए एक दर्जन जूते एक बार में पहनकर चुनाव प्रचार किया था। इस चुनाव में उन्हें जीत मिली और वे राजनीति में गए

दो और नेता थे रेस में

प्रधानमंत्री बनने की रेस में एलडीपी के पॉलिसी चीफ फुमियो किशिदा और पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा भी शामिल थे। दोनों ही नेताओं ने शिंजो के पद छोड़ने के तुरंत बाद यह पद संभालने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी। सबसे अंत में योशिहिडे सुगा का नाम सामने आया था। हालांकि वे सबसे आगे निकल गए। पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा पूर्व पीएम शिंजो आबे के आलोचक रहे हैं। उनके पास केवल 19 सांसदों का समर्थन होने की बात भी सामने आई थी।

एलडीपी में दो तरीके से चुने जा सकते हैं प्रधानमंत्री

  • एलडीपी में प्रधानमंत्री इलेक्शन के जरिए चुना जाता है। इसमें एक तरीका यह है कि पार्टी के कम से कम 20 उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार की जाती है। इसके बाद कम से कम 12 दिन के प्रचार के बाद पार्टी के डाइट मेम्बर्स( संसद के दोनों सदनों के सदस्य) वोट करते हैं। जिस मेम्बर को 788 वोटों में से सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं वो जीतता है और उसे प्रधानमंत्री बनाया जाता है। अभी महामारी फैली हुई है, ऐसे में सभी मेम्बर्स को मेल से बैलट भेजे जाने और वोटिंग से जुड़े कामों को पूरा करने में ज्यादा समय लग सकता है।
  • दूसरा तरीका ऐसा है जो इमरजेंसी के दौरान अपनाया जाता है। इसमें डाइट मेम्बर्स और देश के सभी 47 राज्यों के तीन सांसदों की मदद से वोटिंग कराई जाती है। इसमें 788 सांसदों के बदले सिर्फ 535 सदस्य ही वोटिंग करते हैं। इस तरीके से वोटिंग करने में कम समय लगेगा। ऐसी खबरें हैं कि मौजूदा हालातों को देखते हुए इसी तरीके से वोटिंग होगी। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, एलडीपी के सेक्रेटरी जनरल और तोशिहिरो निकाइ 15 सितंबर को वोटिंग करवा सकते हैं।

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