त्योहार पर महंगाई की मार:नवरात्र में आलू खाना पड़ेगा महंगा; डिमांड बढने की वजह से कीमत में इजाफा, 50 रुपए प्रति किलो तक पहुंचा भाव अभी और बढ़ेंगे दाम

                  नवरात्र के कारण दाम में आगे और इजाफा होने की संभावना है।

  • आलू के दाम में बढ़ोतरी की मुख्य वजह आवक में कमी है

इस साल नवरात्र में आपको आलू खाना महंगा पड़ सकता है। दरअसल, मंडी में 30 रुपए किलो मिलने वाले आलू की कीमत अभी 45 से 50 रुपए तक पहुंच गई है। नवरात्र के कारण दाम में आगे और इजाफा होने की संभावना है। आलू के दाम में बढ़ोतरी की मुख्य वजह आवक में कमी है।

जानिए मंडी का भाव ?

राजधानी दिल्ली स्थित आजादपुर मंडी में बीते कुछ दिनों से आलू का थोक भाव 25 से 30 रुपए प्रति किलो चल रहा है। पहले यह 12-20 रुपए प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा था। रिटेल में आलू अभी 40 से 50 रुपए प्रति किलो चल रहा है। वहीं, खास क्वालिटी के आलू का खुदरा भाव 60 तक भी है।

पिछले साल के मुकाबले दोगुना कीमत

आजादपुर मंडी के कारोबारी राजीव सिंह बताते हैं कि आलू की आवक पिछले साल से तकरीबन 50 फीसदी कम हो रही है। वहीं, कीमतों में पिछले साल से दोगुना से ज्यादा का इजाफा हो गया है। बता दें कि इस साल कोरोना वायरस महामारी, बारिश और फिर बाढ के चलते बुआई और सप्लाई दोनों ही प्रभावित हुई है।

अभी और बढ़ेंगे दाम ?

आजादपुर मंडी पोटेटो ऑनियन मर्चेंट एसोसिएशन यानी पोमा के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि नवरात्र के दौरान व्रत में लोग आलू खाते हैं, जिससे आलू की खपत इस दौरान बढ़ जाती है। नवरात्र इस साल 17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और 25 अक्टूबर को दशहरे का त्योहार है जिसके साथ ही नवरात्र समाप्त हो जाएगा। इस दौरान आलू की कीमत में इजाफा होने की संभावना है। हालांकि, आलू की महंगाई देख अच्छे भाव की उम्मीदों में किसानों ने आलू की खेती में पूरी ताकत झोंकी है। उत्तर-भारत में आलू की बुआई शुरू हो चुकी है।

आलू की बुआई सितंबर के आखिर में शुरू होती है

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत आने वाले और हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉक्टर मनोज कुमार के मुताबिक, रबी सीजन में आमतौर पर आलू की बुवाई सितंबर के आखिर में शुरू होती है और नवंबर तक चलती है, जबकि हार्वेस्टिंग दिसंबर से मार्च तक चलती है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा जारी दूसरे अग्रिम उत्पादन के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019-20 के दौरान देश में आलू का उत्पादन 513 लाख टन हुआ, जबकि एक साल पहले 2018-19 में देश में आलू का उत्पादन 501.90 लाख टन हुआ था।

जानिए, प्याज और टमाटर की कीमत ?

आलू के साथ-साथ प्याज भी महंगी हुई है। प्याज की कीमत इस समय खुदरा में 60 रुपए किलो है। वहीं, थोक में इसकी कीमत 20-25 रुपए है। वहीं टमाटर की बात की जाय तो टमाटर की कीमत में नरमी देखने को मिली है। 80 रुपए तक मिलने वाला टमाटर इस वक्त 40-50 रुपए प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है।

 

No comments:

Post a Comment

Popular Posts

किसान आंदोलन की 10 फोटो:कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब-हरियाणा में तनाव, पुलिस ने दिल्ली जाने से रोका तो किसान सड़कों पर ही बैठ गए

  केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। फोटो करनाल के समाना बाहू इलाके की है। केंद...