पेनाल्टी:एनएसई पर सेबी ने लगाया 6 करोड़ का जुर्माना, बिना मंजूरी के 6 कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने का है मामला

 

सेबी ने यह भी कहा कि एनएसई अपनी सब्सिडियरी एनएसआईसी को स्थापित करने के लिए उससे मंजूरी लेने में विफल रहा है

  • सेबी ने कहा कि एनएसई ने मंजूरी लेकर एक तरह से नियमों का उल्लंघन किया
  • इस मामले में किसी निवेशक ने एनएसई के खिलाफ शिकायत नहीं की थी
  • सेबी का मानना था कि लंबे समय तक चला यह काफी गंभीर मामला है

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 6 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना एनएसई द्वारा 6 कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने के मामले में लगाया गया है। जिन कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी गई उसमें कैम्स, एनएसईआईटी, एनएसडीएल गवर्नेंस इंफ्रा, एमएसआईएल और आरएक्सआईएल शामिल हैं। सेबी ने जारी आदेश में यह जानकारी दी है।

सेबी ने की थी जांच

सेबी ने अपने आदेश में कहा कि एनएसई ने बिना रेगुलेटर की मंजूरी लिए कैम्स और पावर एक्सचेंज इंडिया में हिस्सेदारी खरीदी थी। इस मामले में सेबी ने जांच की थी और इस दौरान पाया कि एनएसई ने डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रूप से अपनी एनएसआईसीएल के जरिए पीएक्सआईएल, कैम्स, एनएसईआईटी, एनईआईएल, एमएसआईएल और आरएक्सआईएल में हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके लिए उसने मंजूरी नहीं ली।

एनएसई ने मंजूरी लेकर एक तरह से नियमों का उल्लंघन किया। हालांकि इस मामले में किसी निवेशक ने शिकायत नहीं की थी। पर सेबी का मानना था कि यह काफी गंभीर मामला है।

एनएसई को हाई स्टैंडर्ड स्थापित करना था

सेबी ने कहा कि एनएसई एक्सचेंज देश में अग्रणी एक्सचेंज है और इसे नियमों का पालन करके कंप्लायंस का एक उच्च स्टैंडर्ड स्थापित करना चाहिए था। सेबी ने कहा कि नियमों का उल्लंघन एक बार नहीं, बल्कि कई बार किया गया। यह लंबे समय तक किया गया।

नियमों का उल्लंघन है

सेबी ने कहा कि सभी निवेश एक स्वतंत्र रूप से नियमों का उल्लंघन करते हैं। इन 6 कंपनियों में यह गड़बड़ी करने पर 6 करोड़ रुपए की पेनाल्टी एनएसई पर लगाई जाती है। सेबी ने यह भी कहा कि एनएसई अपनी सब्सिडियरी एनएसआईसी को स्थापित करने के लिए उससे मंजूरी लेने में विफल रहा है। एनएसई की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक यह नोट किया गया कि एनएसआईसी को इन्वेस्टमेंट होल्डिंग कंपनी के रूप में स्थापित किया गया था। जिसके बाद एनएसआईसी ने साल 2013 में डाटएक्स कंपनी में 100 प्रतिशत की हिस्सेदारी एनएसई से खरीदी थी।

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